एक ब्लाक में रह रहे ,दो दम्पति संभ्रांत ।
एक बड़े खुशहाल से ,एक दुखी और क्लांत । ।
एक दुखी और क्लांत ,हमेशा लड़ते रहते ।
अपनी जीवन व्यथा ,सभी से रो रो कहते । ।
पर दूजे दम्पति का ,जाने क्या था चक्कर ?
घर से हंसने की आवाज़े आती अक्सर । ।
२
पहले दम्पति सोचते ,क्या है इसका राज ?
आती है हर रोज क्यों ,हंसने की आवाज़ ?
हंसने की आवाज़ ,प्रश्न एक दिन कीन्हा ।
दूजे दम्पति ने मुस्कराकर उत्तर दीन्हा । ।
"राजिस "हंसने से बढ़ता है खून हमारा ।
इसलिए हर दिन छोड़ा ,करते फव्वारा । ।
३
हम पति -पत्नी खेलते ,"बेलन -बेलन "यार ।
बारी -बारी फेंकते , गिनकर पूरे चार । ।
गिनकर पूरे चार ,वार यदि लग जाता है ।
हँसे मारने वाला ,बड़ी ख़ुशी पाता है । ।
किन्तु वार यदि बेलन का ,चुके लगने से ।
बचने वाला छोड़े ,फव्वारे हंसने के । ।