गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

अमृत वचन





शत्रु को उपहार देने योग्य सर्वोत्तम वस्तु है क्षमा ,

विरोधी को सहनशीलता ,


मित्र को अपना हृदय ,


शिशु को उत्तम दृष्टान्त ,


माता -पिता को आदर ,


अपने को प्रतिष्ठा और


सभी मनुष्य को उपकार ।


बाल  फोर 

5 टिप्‍पणियां:

sushma 'आहुति' ने कहा…

बेहतरीन अभिवयक्ति.....

प्रेम सरोवर ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति। मेरे नए पोस्ट "समय की भी उम्र होती है",पर आपका इंतजार रहेगा। धन्यवाद।

Prasanna Badan Chaturvedi ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Prasanna Badan Chaturvedi ने कहा…

उम्दा रचना के लिए आपको बहुत बहुत बधाई...
नयी पोस्ट@जब भी सोचूँ अच्छा सोचूँ

प्रेम सरोवर ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति। धन्यवाद व आपका आभार ! मेरे नए पोस्र्ट पर आपका इंतजार रहेगा।