गुरुवार, 11 नवंबर 2010


हुस्न वालों का अहतराम करो

कुछ तो दुनिया में नेक काम करो ,

शेख़ आए है बावजू होकर

अब तो पीने का इंतजाम करो

अभी बरसेंगे हर तरफ जलवे

तुम निगाहों का अहतमाम करो ,

लोग डरने लगे गुनाहों से

बारिश -- रहमत - -तमाम करो
......................................................................
अर्थ ----
अहतराम -इज्ज़त ,बावज़ू --वजू करना ,
बारिश -- रहमत - -तमाम -खुदा की कृपा की बारिश
...........................................

रचनाकार ----कँवर मोहिंदर सिंह बेदी 'सहर '
बेदी जी की इस रचना को आप सभी ने जगजीत सिंह जी की आवाज़ में सुना ही होगा ,यह मुझे बेहद पसंद है शायद आपको भी आए .इसे सुनते - ही लिख रही हूँ अभी .

24 टिप्‍पणियां:

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

yah meri pasandeeda gazal hai

गिरीश बिल्लोरे ने कहा…

खूबसूरत बात
मिसफ़िट:ताज़ातरीन

M VERMA ने कहा…

बेहतरीन
बहुत सुन्दर

बूझो तो जानें ने कहा…

आपका धन्यवाद इस सुन्दर लफ़्जों को आपने हमारे सामने प्रस्तुत किया.
आभार.

निर्मला कपिला ने कहा…

धन्यवाद ज्योती जी इसे पढवाने के लिये और उर्दू शब्दों के अर्थ के लिये।

आशीष/ ਆਸ਼ੀਸ਼ / ASHISH ने कहा…

ज्योति जी,
खूबसूरत!
आशीष
---
पहला ख़ुमार और फिर उतरा बुखार!!!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत खूब, वाह।

muskan ने कहा…

सुन्दर रचना

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' ने कहा…

हुस्न वालों का अहतराम करो
कुछ तो दुनिया में नेक काम करो ,

शेख़ आए है बावजू होकर
अब तो पीने का इंतजाम करो ।

वाह...सहर साहब की ये ग़ज़ल पेश करने के लिए शुक्रिया ज्योति जी.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत सुन्दर .... बेहतरीन

VIJAY KUMAR VERMA ने कहा…

लोग डरने लगे गुनाहों से

बारिश -ए- रहमत -ए -तमाम करो

बहुत सुन्दर

शोभना चौरे ने कहा…

bahut bahut abhar ise padhvane ke liye .

BrijmohanShrivastava ने कहा…

गजलका चुनाव उत्तम। पहले न सुनी थी न पढी थी । गजल पढी । आपको धन्यवाद

Vijay Pratap Singh Rajput ने कहा…

नमस्कार जी !
बहुत सुन्दर .... बेहतरीन

Vijay Pratap Singh Rajput ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
दीप ने कहा…

सुन्दर शब्दों का प्रयोग रचना को सर्व प्रिय बनाता है|
अच्छी रचना

प्रेम सरोवर ने कहा…

KOi jabab nahi hai mere pas.Atulniya prastuti.PLz. visit my post.

Dr Varsha Singh ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना.ये ग़ज़ल पेश करने के लिए धन्यवाद

ममता त्रिपाठी ने कहा…

शोभनम्

JAGDISH BALI ने कहा…

dilkash !

राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ ने कहा…

जितनी तारीफ़ की जाय कम है ।
सिलसिला जारी रखें ।
आपको पुनः बधाई ।

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

वाह बहुत सुन्दर रचना है ! इस रचना को प्रस्तुत करने के लिए धन्यवाद !
मंगलमय नववर्ष और सुख-समृद्धिमय जीवन के लिए आपको और आपके परिवार को अनेक शुभकामनायें !

विजय प्रताप सिंह राजपूत (निकू ) ने कहा…

जय श्री कृष्ण...वाकई काबिल-ए-तारीफ हैं....नव वर्ष आपके व आपके परिवार जनों, शुभ चिंतकों तथा मित्रों के जीवन को प्रगति पथ पर सफलता का सौपान करायें ...

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना| धन्यवाद|