शुक्रवार, 14 अगस्त 2009

कृष्ण जी के १०८ नाम

कंस दलन , केशिदमन , जसुदासुत , नंदलाल , मुरलीधर ,गोविन्द, हर , गिरधारी गोपाल ||
सुंदरश्याम , राधारमण , रुक्मणी के श्रृंगार , नन्द नंदन , वासुदेव सुत, राधा प्राणाधार ||
चंद्रश्रेष्ठ यदुवंश के गोपिन के चितचोर , गोपी वल्लभ , कृष्णजी, कान्हा , माखन चोर ||
ब्रजपति , ब्रजनिधि, ब्रज्रमण , ब्रज्दाता , बराजमान , ब्रजभानु , ब्रजचंद्रमा , वृजकेतू भगवान||
श्याम , कन्हय्या , सांवरा , सतभामा सिरमोर , वृजभूषण , अखिलेश्वर, श्यामल , नन्द किशोर||
वृजनायक , घनश्याम जी , गोकल के उजियार , योगेश्यर , यदुवंश्म्नी , भगवान प्राणाधार ||
कुंजबिहारी , देवकी नंदन , परमपिता , गीता गायक , नंदलाला , वासुदेव के प्यारे , दीन दयालु , सुखदायक ||
मुरलीधर , माधव , मदन , चक्र , सुदर्शनधारी , नाग नथेयारास रचेया, वनमाली , श्री बनवारी ||
पार्थसारथी , अच्युत , द्वारिकाधीश ललाम , करुणा सागर , भागवत वछल , नारायण , सुखधाम ,||
शेषशायी , सुखराशी , विट्ठल , तीन लोक के नाथ , राधावल्लभ , करुनेश्वर, मोहन , लक्ष्मी नाथ||
निर्गुण , सगुण , निरंजन , माधव , अविनासी , मायापति , भगतन के दाता , दुखहंता,सुखरासी ||
असुरदमन , संकटहरण , राधा के श्रृंगार , मधुसूदन , त्रिलोकपति , दयासिन्धु , कतार ||
गुणातीत , गोपेश , जगपति , जगदीश्वर, जसुदाजीवन , मुरली मनोहर , सुखकर परमेश्वर ||
पीतवसन , त्रीभंगिमा , गऊ चरावन हार , गीतागायक राधिका नायक मनहर कृष्ण मुरार ||
सेवक याता , भाग्य विधाता , आरत भयहारी , सखा , बंधू तुम सब कुछ मेरे, रक्षक बलिहारी ||

11 टिप्‍पणियां:

vikram7 ने कहा…

स्‍वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

BrijmohanShrivastava ने कहा…

भगवन के १०८ नामों को कविता में पिरोना ऐसा लगा जैसे १०८ दानों की माला (तस्बीह ) हो |यद् हो जाने पर पाठ करने में भी सहूलियत +स्नान करते करते भी पाठ पूरा हो सकता है वैसे चलते फिरते भी इस कविता को गुनगुनाया जा सकता है क्योंकि कलयुग केवल नाम अधारा

Babli ने कहा…

बहुत बढ़िया लिखा है आपने! मैं तो कृष्ण जी का बहुत बड़ा भक्त हूँ! आपको श्री कृष्ण जन्माष्टमी और स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

सूर्य गोयल ने कहा…

बधाई, वाकई आपने कितनी ही सुन्दरता से भगवान् श्री कृष्ण के 108 नामो को कविता में पिरो दिया. आप कवि लोगो की यही महानता है की आप अपने दिल में उठने वाले भावो को शब्दों में पिरो कर कविता बना देते है जबकि मैं उन्ही शब्दों से गुफ्तगू करता हूँ. जन्माष्टमी और स्वतंत्रता दिवस पर की गई मेरी गुफ्तगू को जरुर पढ़े. www.gooftgu.blogspot.com

"MIRACLE" ने कहा…

बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति .....

Vidhu ने कहा…

सेवक याता , भाग्य विधाता , आरत भयहारी , सखा , बंधू तुम सब कुछ मेरे, रक्षक बलिहारी ||
ji sundar aur aapko bhi naman

Harsh ने कहा…

yah nayi jaankari dene ke liye aapka shukria..........

vallabh ने कहा…

bhagwan shri krishna ke itne saare neem...
achchhi jankari ke liye dhanywad..

आदित्य आफ़ताब "इश्क़" ने कहा…

आपके अमूल्य परिश्रम हेतु आपको प्रणाम ! जे राधे-कृष्ण ................राधे-राधे

ज्योति सिंह ने कहा…

radhe krishna -hare rama hare krishna .shukriyan sabho ka .

अशोक मधुप ने कहा…

नई एवं लाभप्रद जानकारी